मेरे द्वारा लिखी बिहार के ऊपर कुछ पंक्तियां,बिहार के ऊपर कविता। जागृत बिहार👇👇
एक नया हम दीप जलाए,
आओ नया बिहार बनाये|
मिथिला की पावन भूमि में,
हम नया एक अलख जलाए|
साथ मिलकर आओ,
फिर नया बिहार बनाये,
आओ नया बिहार बनाये।
विद्यापति के भक्ति रस को,
हम जन-जन तक पहुचाये,
माँ सीता की पतिव्रता को
हर नारी में दर्शाए ,
ऐसा हम बिहार बनाए ।
दिया शून्य इस विश्व को जिसने,
उस राज्य का फिर मान बढ़ाये
गौरव गीत फिर से गाये।
एक नया बिहार बनाये।
मगध राज्य की शौर्यता को,
विश्व व्योम पर फिर से गुंजाए,
गुरु गोबिंद के चंडी पाठ को ,
हर श्रोतागण तक पहुँचाये।
कुँवर सिंह के वीरता को,
हर युवा को बतलाये,
आओ मिलकर अलख जगाए,
एक नया बिहार बनाये।
राजेन्द्र बाबू का सपना था,
शिक्षित और समृद्ध बिहार|
जयप्रकाश ने माना था,
नैतिक और सांस्कृतिक बिहार|
राज्य को फिर ऐसा बनाओ,
हार जाए सिकन्दर हजार|
संकल्प ले फिर से और बनाये सुंदर एवं स्वच्छ बिहार|
आओ नया हम अलख जगाए
एक नया बिहार बनाये।........... (रौशन)
एक नया हम दीप जलाए,
आओ नया बिहार बनाये|
मिथिला की पावन भूमि में,
हम नया एक अलख जलाए|
साथ मिलकर आओ,
फिर नया बिहार बनाये,
आओ नया बिहार बनाये।
विद्यापति के भक्ति रस को,
हम जन-जन तक पहुचाये,
माँ सीता की पतिव्रता को
हर नारी में दर्शाए ,
ऐसा हम बिहार बनाए ।
दिया शून्य इस विश्व को जिसने,
उस राज्य का फिर मान बढ़ाये
गौरव गीत फिर से गाये।
एक नया बिहार बनाये।
मगध राज्य की शौर्यता को,
विश्व व्योम पर फिर से गुंजाए,
गुरु गोबिंद के चंडी पाठ को ,
हर श्रोतागण तक पहुँचाये।
कुँवर सिंह के वीरता को,
हर युवा को बतलाये,
आओ मिलकर अलख जगाए,
एक नया बिहार बनाये।
राजेन्द्र बाबू का सपना था,
शिक्षित और समृद्ध बिहार|
जयप्रकाश ने माना था,
नैतिक और सांस्कृतिक बिहार|
राज्य को फिर ऐसा बनाओ,
हार जाए सिकन्दर हजार|
संकल्प ले फिर से और बनाये सुंदर एवं स्वच्छ बिहार|
आओ नया हम अलख जगाए
एक नया बिहार बनाये।........... (रौशन)